बड़सर (हमीरपुर)। स्थानीय उपमंडल के तहत पैहरवीं वन बीट से अवैध कटान मामले में वन विभाग ने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ठेकेदार ने पैहरवीं बीट से बिना अनुमति 45 खैर के पेड़ काट लिए थे। वन विभाग ने जांच के उपरांत ठेकेदार का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। ठेकेदार को अग्घार वन परिक्षेत्र की पुंदड़ बीट से 180 खैर के पेड़ों के कटान की अनुमति मिली थी। लेकिन ठेकेदार ने वन परिक्षेत्र बिझड़ी के पैहरवीं बीट से खैर के 45 पेड़ बिना अनुमति के काट लिए। वन विभाग को बिना अनुमति पेड़ कटाने की सूचना मिलने पर डीएफओ हमीरपुर सहित वन विभाग के अन्य अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। इसमें बिना अनुमति पैहरवीं बीट से 45 खैर के पेड़ काटे हुए पाए गए। इनमें कई पेड़ जड़ से ही उखाड़ लिए गए थे। वन विभाग ने मौके पर खैर पेड़ों के मोछे भी जब्त कर लिए थे। वन विभाग ने इस सारे मामले की नए सिरे से जांच करवाई। इस जांच में ठेकेदार कटान मामले में दोषी पाया गया। वन विभाग ने ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। वन विभाग ने ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ठेकेदार के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर वन विभाग ने ठेकेदार को दोषी करार देते हुए लाइसेंस रद्द कर दिया है।
डीएफओ हमीरपुर प्रीति भंडारी का कहना है कि वन विभाग की जांच में ठेकेदार दोषी पाया गया है। वन विभाग ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विभाग द्वारा पुलिस में शिकायत करवाई जा चुकी है। वहीं डीएसपी बड़सर धर्म चंद वर्मा का कहना है कि वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।