नादौन कॉलेज मेें अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय स्मारिका का विमोचन करते मुख्यतिथि एव
नादौन (हमीरपुर)। सिद्धार्थ राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय नादौन में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यह काॅन्फ्रेंस पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का महत्व(रीसेंट ट्रेंड्स इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर एनवायरमेंट कंजर्वेशन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट) विषय पर आयोजित की गई। काॅन्फ्रेंस में प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से प्रो. डॉ. वीके मट्टू बतौर मुख्यातिथि जबकि प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से विशेषज्ञ डॉ. नीलम मट्टू, सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश से असिस्टेंट प्रो. डॉ नीरज गुप्ता और प्रदेश यूनिवर्सिटी शिमला से प्रो. डॉ सुषमा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार गौतम और स्टाफ ने महाविद्यालय प्रांगण में मुख्यातिथि का स्वागत किया। अंतरराष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस में मुख्यातिथि ने अंतरराष्ट्रीय स्मारिका का विमोचन किया। प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार गौतम ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र विशेष कर हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में वर्षा ऋतु में हुए भारी जानमाल के नुकसान तथा आधारभूत ढांचे को हुई क्षति यह इंगित करती है कि हिमालय क्षेत्र में विकास के साथ-साथ पर्यावरण को भी संरक्षित करना जरूरी है। इस अंतरराष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस में अमेरिका, इंग्लैंड, स्पेन तथा ताईवान सहित कई देशों के वैज्ञानिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. भगवती प्रसाद शर्मा ने कहा कि इस काॅन्फ्रेंस में 200 लोगों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस मौके पर पीटीए प्रधान संदीप व आयोजन समिति के सदस्य प्रो. रुचि संगल, प्रो. सुनीता सकलानी, प्रो. धृति शर्मा और महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।