हमीरपुर। तीन वर्ष पहले निशुल्क बांटे सीएफएल बल्बों की अब बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं से जबरन वसूली शुरू कर दी है। जिला हमीरपुर के भोटा कस्बे में बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 285 रुपये विविध खर्च के तौर पर अतिरिक्त जोड़ दिए हैं। इस तरह की जबरन वसूली पर जिला हमीरपुर के उपभोक्ता भड़क गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह जबरन वसूली बंद नहीं की गई तो वह लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही हमीरपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन भी करेंगे।
बिजली बोर्ड के सब डिवीजन भोटा के अंतर्गत सैकड़ों उपभोक्ताओं को इस तरह के बिजली बिल बांटे गए हैं। अतिरिक्त वसूली का विरोध करने पर बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि कुछ साल पहले उपभोक्ताओं को पुराने बल्ब जमा करवाने पर नए सीएफएल बल्ब निशुल्क दिए गए थे। सीएफएल बल्ब बांटने वाली कंपनी ने अब उन बल्बों की कीमत वसूलने के लिए उपभोक्ताओं की सूची सौंपी है लेकिन, उपभोक्ताओं ने कहा कि उन्होंने निशुल्क बल्ब नहीं लिए हैं। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं ने कहा कि जब बिजली बोर्ड के कार्यालयों में उन्होंने सीएफएल बल्ब लिए थे तो उसी दौरान इसकी कीमत भी चुका दी थी। अब इस तरह की वसूली गलत है। भोटा वार्ड नंबर 3 के रहने वाले विनोद कतना का कहना है कि उनके घर का बिजली बिल 814 रुपये है, जबकि उसमें 285 रुपये विविध खर्च के तौर पर जोड़ने से यह बिल एक हजार से अधिक बन गया है। इसी तरह दुकान का बिजली बिल 777 रुपये है। इसमें भी 285 रुपये अतिरिक्त जोड़े गए हैं। भोटा वार्ड नंबर सात के निवासी दलीप राणा, कमल दुग्गल और रमन ने कहा कि इस तरह की वसूली गैर कानूनी है, जिसकी जांच होनी चाहिए। उधर, बिजली बोर्ड भोटा के एसडीओ जीवन लाल का कहना है कि पूर्व में निशुल्क और पैसे लेकर उपभोक्ताओं को सीएफएल बल्ब वितरित किए गए थे। निशुल्क बाटें बल्बों की कंपनी ने सूची दी है, जिसके तहत हर माह दस रुपये काटे जाएंगे। लेकिन, जिन्होंने बल्ब नहीं लिए हैं, उनसे 285 रुपये एक साथ विविध खर्च के तौर पर बिजली बिल में जोड़ने के मामले की जांच की जाएगी।