हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम हमीरपुर डिपो के चालकों और परिचालकों से प्रबंधन अतिरिक्त काम ले रहा है। जिसकी वजह से निगम का स्टाफ तनाव में है और आए दिन चालक व परिचालक बीमार हो रहे हैं। सोमवार को भी एक बस चालक की अचानक तबीयत खराब हो गई। जिसे उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में भर्ती करवाया गया है। बीमार चालक की पहचान तारा चंद के रूप में हुई। वहीं चिकित्सकों ने उन्हें उपचार के बाद आराम की सलाह दी है।
वहीं बीमार चालक की पत्नी ने हमीरपुर एचआरटीसी डिपो के कुछेक अधिकारियों पर उनके पति को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति की शनिवार को हमीरपुर-शिमला रूट पर ड्यूटी थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद पति ने बताया कि उनकी तबीयत खराब है। जिसके बावजूद रविवार को उन्हें हमीरपुर-संधोल बस रूट पर भेज दिया गया। रविवार रात साढ़े आठ बजे जब वह घर पहुंचे तो उनकी तबीयत बहुत खराब थी। लेकिन बीमारी की परवाह किए बगैर बस डिपो के एक अधिकारी ने जबरन सोमवार सुबह ड्यूटी पर बुला लिया और उन्हें हमीरपुर-समैला रूट पर भेज दिया। दिन में उनकी पति की तबीयत और अधिक खराब हो गई। सूचना मिलने पर वह अपने छोटे बच्चों को घर पर छोड़ बस अड्डा पहुंची और पति को हमीरपुर अस्पताल में भर्ती करवाया। महिला ने कहा कि उनके पति अभी तक अनुबंध पर हैं और निगम ने बस के खराब होने पर उनके पति का मासिक वेतन भी काट लिया है। बेटा बीमार रहता है, जिसका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। वेतन काटने के कारण उन्हें बेटे के इलाज और घर के खर्च की चिंता सता रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर, निगम के प्रबंध निदेशक से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। उधर, बस अड्डा के सहायक प्रभारी मोहिंद्र सिंह ने कहा कि चालक की बीमार होने की सूचना मिली है। बीमार चालक का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सर्व कर्मचारी यूनियन के चेयरमैन किशोर कुमार, जिला प्रधान राजू राम और सचिव सुरेंद्र पटियाल ने कहा कि डिपो में करीब 60 से अधिक चालकों की कमी चल रही है। जिसके चलते मौजूदा स्टाफ से अतिरिक्त काम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर बीमार चालक को ड्यूटी पर भेजने से कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेवारी प्रबंधन की होगी।