हमीरपुर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग शिमला की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी हमीरपुर के कार्यालय सभागार में आयोग की अध्यक्ष किरण ढांटा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बाल संरक्षण तथा उनके अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों तथा सदस्यों को किरण ढांटा ने कहा कि वह बाल आश्रम में रह रहे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें तथा उनका संरक्षण तथा देखभाल बेहतर ढंग से सुनिश्चित बनाएं ताकि, वह स्वयं को अकेला न महसूस करें।
उन्होंने कहा कि जिले में प्रशासन तथा पुलिस को बाल आश्रम के बच्चों के संरक्षण की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर आश्रम में जाकर बच्चों को प्रदान की जा रही तमाम सुविधाओं की जांच तथा समीक्षा करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर निदान करना चाहिए। किरण ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों के साथ काउंसलिंग करनी चाहिए तथा उन्हें यौन शिक्षा के बारे में जागरूक करना चाहिए ताकि, बच्चे समय रहते समाज में व्याप्त आपराधिक गतिविधियों से बच सकें। हमीरपुर में चाइल्ड लाइन तथा ओपन शेल्टर होम खोलने के प्रयास किए जाएंगे। जिसके लिए संबंधित विभाग उन्हें लिखित रूप में प्रस्ताव तैयार कर भेजें। उन्होंने बच्चों को नशा तथा अन्य बुराइयों से बचाने के उपाय पर बल दिया। ढांटा ने कहा कि छोटे बच्चों की जेब में उनके माता-पिता का पता तथा मोबाइल नंबर लिखी पर्ची डालनी चाहिए ताकि, गुम होने पर आसानी से उनका उनके माता-पिता के साथ संपर्क करवाया जा सके।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य डॉ. कुसुम वर्मा, डॉ. रोशन लाल, आशुतोष, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलवीर ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य, जिला कल्याण अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप ठाकुर, जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सरदारी लाल चांगरा, जेजे बोर्ड की मेंबर, कांगड़ा चाइल्ड लाइन के मेंबर मस्ताना, समस्त सीडीपीओ तथा कमेटी के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।