बैग लाने पर प्रतिबंध हटाने के लिए छात्रों ने घेरे प्राचार्य
कहा, छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ रही परेशानी
पहले दिन छात्रों ने कॉलेज के साथ लगती दुकानों में रखे अपने बैग
केवल लड़कियों के लिए छोटे बैग या किट लाना हुआ अधिकृत
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्नातकोत्तर राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में बैग लाने पर प्रतिबंध के पहले दिन विद्यार्थियों को कॉलेज में परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस संबंध में कॉलेज छात्रों ने प्रधानाचार्य का घेराव कर उनसे बैग लाने पर प्रतिबंध हटाने की मांग की। बैग पर प्रतिबंध लगने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी कॉलेज की छात्राओं को हुई। छात्राओं को किताबों के साथ-साथ, खाना और अन्य सामान लाने में दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
इस पर नाराज छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रधानाचार्य का घेराव कर कॉलेज में बैग पर प्रतिबंध हटाने की मांग की। वहीं छात्र-छात्राएं को बुधवार को अपने बैग साथ लगती दुकानों में रखने पड़े। दुकानों में भी थैलों के ढेर लगे रहे। वहीं हर कक्षा के बाद छात्र अपनी किताबों को बैग में से लाने के लिए दुकानों के चक्कर काटते रहे। गौर हो कि कॉलेज में दो छात्र संगठनों के बीच पथराव और बैग में हथियार मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज में बैग लाने पर रोक लगा दी है। इससे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों में अविनाश, अंकित, रजत, दिनेश, शिवानी, भानू, प्रिया, शगुन, सचिन आदि का कहना है कि संगठनों के बीच की लड़ाई से आम छात्रों को जूझना पड़ रहा है। कॉलेज में बैग प्रतिबंधित होने से किताबों, खाना और अन्य जरूरी सामान लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को कॉलेज कैंपस में प्रधानाचार्य के आने पर उनसे बैग को लाने से प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई।
कोट्स
लड़कियों के लिए छोटे बैग लाना किए अधिकृत : डा. जंवाल
कॉलेज प्राचार्य डा. एचएस जंवाल का कहना है कि छात्रों ने घेराव नहीं किया था। छात्रों की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से बैग पर प्रतिबंध हटाने की मांग की गई। इसपर कॉलेज प्रबंधन ने तीनों छात्र संगठनों और पुलिस के साथ बैठक कर निर्णय लिया कि केवल लड़कियों के लिए छोटे बैग कॉलेज के अंदर लाना अधिकृत किए जाएंगे। लड़कियां अपने छोटे बैग या किट कॉलेज के अंदर ला सकतीं है। जबकि लड़कों के लिए एक सप्ताह तक बैग लाना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि निष्कासित छात्रों में तीन-तीन दोनों गुटों के हैं। एकतरफा कार्रवाई नहीं की गई है।