हमीरपुर। जिला पुलिस ने सड़क हादसे के कारणों को ढूंढ निकाला है। फील्ड में पहुंचकर पुलिस ने हादसे के कारण बनने वाले तीखे मोड़, टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त पुलियां व रेलिंग समेत 42 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। पुलिस विभाग की सर्वे रिपोर्ट से स्पष्ट है कि जिला हमीरपुर की सड़कों पर सफर जोखिम भरा है। जिला की अधिकतर सड़कों की हालत बहुत खराब है। शिमला-कांगड़ा नेशनल हाईवे में भी एक से डेढ़ फीट गहरे गड्ढे पड़े हैं। कई जगह सड़कों को नामोनिशान तक मिट चुका है। आए दिन खस्ताहाल सड़कों पर वाहन चालक हादसे के शिकार हो रहे हैं।
पूर्व में एक दोपहिया वाहन पर सवार महिला की नादौन में मौत भी हो चुकी है। इसी कड़ी में लोगों के सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए जिला पुलिस ने भी अपने स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। पुलिस विभाग ने जिला हमीरपुर में ही विभिन्न सड़कों पर अभी तक 42 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन सड़कों की खराब हालत के कारण सबसे अधिक हादसे हो रहे हैं। जिसके चलते इन स्पॉट को दुरुस्त किया जाना अति आवश्यक है। पुलिस विभाग ने इन चिह्नित ब्लैक स्पॉट की सूची लोक निर्माण विभाग और एनएच विभाग को सौंप दी है। इसके साथ ही पुलिस विभाग ने लोनिवि को क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत करने और ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए कहा है। उधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि जिला में 42 ब्लैक स्पॉट को चिह्नित किया गया है। इसकी सूची लोनिवि और एनएच विभाग को सौंपकर शीघ्र इन्हें दुरुस्त करने के लिए कहा है।