हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सफर करना खतरे से खाली नहीं है। निगम की बसों की खस्ताहालत के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पूर्व में भी बसों की खस्ताहालत के कारण कई हादसे पेश आ चुके हैं। शनिवार रात को पठानकोट से शिमला जा रही पठानकोट डिपो की बस के स्टेयरिंग को कंट्रोल करने वाला पेच खुल गया। गनीमत रही कि जब बस में खराबी आई तब बस हमीरपुर बस स्टैंड में ही खड़ी होने वाली थी, अगर यही खराबी रूट पर दौड़ती हुई बस में आती तो बड़ा हादसा पेश आ सकता था।
लोगों ने निगम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया है। लोगों में राजीव कुमार, विकास पटियाल, अखिल, चमन लाल आदि का कहना है कि रात्रि के समय बस स्टैंड पर बस खराब होने से जहां सवारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं आए दिन रूटों पर बसें खराब होने से लोगों का निगम के प्रति विश्वास भी उठने लगा है। हमीरपुर बस स्टैंड पर बस खराब होने के कारण बस अड्डा प्रबंधन ने शिमला जा रही अन्य बसों के रूटों में सवारियों को भेजा। इससे सवारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जबकि खराब बस हमीरपुर बस स्टैंड पर ही खड़ी रही। जिसे हमीरपुर वर्कशाप में कार्यरत कर्मचारियों ने ठीक किया। इस संबंध में एचआरटीसी वर्कशाप हमीरपुर के प्रबंधक देशराज का कहना है कि बस के स्टेयरिंग को कंट्रोल करने वाला पेच टूटने के कारण समस्या पेश आई। सवारियों को शिमला जाने वाली अन्य बसों में भेज दिया गया। जबकि बस की रविवार सुबह रिपेयर कर दी गई।