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लंगर, भजन-कीर्तन से मना किया तो कर दिया चक्का जाम

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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर की सराय के भीतर लंगर खाने और भजन-कीर्तन करने से रोकने पर अमृतसर से आए श्रद्धालुओं का जत्था भड़क गया। गुस्साए करीब 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्यद्वार के बाहर चक्का जाम कर मंदिर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हालात बिगड़ते देख एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा, डीएसपी जसवीर ठाकुर और मंदिर अधिकारी ओपी लखनपाल ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया।
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बुधवार को पंजाब के सिद्ध आश्रम अमृतसर से महंत प्रेम नाथ शर्मा की अगुवाई में 500 श्रद्धालुओं का जत्था बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध पहुंचा था। जत्थे के मुखिया भक्त प्रेम ने बताया कि वे बीते 70 सालों से चैत्र माह में जत्थे समेत अमृतसर से बाबा बालक नाथ मंदिर में पूचा-अर्चना के लिए आते हैं। बुधवार को वे सराय नंबर 8 में ठहरे हुए थे। रात को उन्होंने बाबा की चौकी लगाकर भजन-कीर्तन शुरू किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने मंदिर सराय में लंगर खाना शुरू किया तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। मौके पर आए लोगों ने श्रद्धालुओं के साथ गाली-गलौज भी किया। इस दौरान रात को सराय भवन का पानी भी बंद कर दिया गया। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
महंत प्रेम नाथ शर्मा ने बताया कि इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद रात को ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। लेकिन वीरवार सुबह श्रद्धालुओं ने फिर से मंदिर गेट के बाहर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई। इसके बाद डीएसपी और एसडीएम मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले को शांत करवाते हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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उधर, एसडीएम बड़सर एवं मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन विशाल शर्मा ने बताया कि गलतफहमी के कारण यह विवाद हुआ है, जिसे बाद में सुलझा लिया गया है। विशाल शर्मा ने कहा कि उन्होंने मंदिर कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सराय में लंगर खाने से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि रात दस बजे के बाद लाउडस्पीकर का प्रयोग करने पर सर्वोच्च न्यायालय की पाबंदी है।
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