हमीरपुर। मनरेगा के तहत जिलाभर में बन रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक अब लोगों के मकानों और जान के लिए खतरा बन गए हैं। जिलाभर में खोदे गए ऐसे गड्ढों से हादसों का खतरा बना हुआ है लेकिन, विभाग खुदाई के तीन से चार माह बाद भी इन गड्ढों के निर्माण के लिए सीमेंट उपलब्ध नहीं करवा सका है। ऐसे में ये गड्ढे खुले पड़े हैं और हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्राम पंचायत अणु, चमनेड़, देई का नौण सहित दर्जनों ऐसी पंचायतें हैं जिनमें मैटीरियल न आने के कारण ऐसे निर्माणाधीन टैंक खुले पड़े हैं और हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्राम पंचायत अणु के राकेश कुमार का कहना है कि उनके घर के पास तीन माह पूर्व गड्ढा खोदने का कार्य शुरू किया गया।
मकान की नींव के साथ गड्ढा खोदा गया है। अब बारिश होने के बाद गड्ढा ढह गया है और उसमें बारिश का पानी और मिट्टी भर गए हैं। वहीं गड्ढे के ढहने के कारण मकान के गिरने का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे ही कई गड्ढा इस पंचायत में और हैं जिनसे लोगों के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। वहीं, बमसन ब्लॉक की भी अधिकतर पंचायतों में ऐसे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। लोगों को बारिश के दौरान गड्ढों को तिरपाल से ढकना पड़ रहा है। ऐसे में दिन रात लोगों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। बीडीओ टौणी देवी यशपाल का कहना है कि मैटीरियल के लिए उचित बजट न आने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है, लेकिन जहां गड्ढों के कारण किसी नुकसान का खतरा बनता है, संबंधित पंचायत को अन्य बजट से मैटीरियल खरीदने के लिए कहा जाता है। वहीं, पीओ डीआरडीए डॉ. सुनील चंदेल का कहना है कि जैसे ही मैटीरियल के लिए बजट आएगा, पंचायतों को मुहैया करवा दिया जाएगा।