हमीरपुर। सत्र 2018-19 की वार्षिक परीक्षाओं को महज एक माह का समय बचा है लेकिन, परीक्षाओं में नकल पर रोक लगाने वाले शिक्षा विभाग के निरीक्षण विंग के पास अपना वाहन नहीं है। बीते अक्तूबर माह में निरीक्षण विंग के वाहन के टेंडर समाप्त हो चुके हैं। इसके बाद जिला प्रशासन से निरीक्षण विंग को वाहन हायर करने के लिए एनओसी नहीं मिली है। वहीं न तो शिक्षा विभाग निरीक्षण विंग को वाहन उपलब्ध करवा रहा है और न ही वाहन हायर करने के लिए प्रशासन से एनओसी मिल पा रही है। ऐसे में स्कूलों में निरीक्षण करने के लिए टीमों को अपने निजी वाहनों में जाना पड़ रहा है। निजी वाहनों में निरीक्षण प्रभावी नहीं हो रहा है वहीं, अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं की जेब से ईंधन और गाड़ी की मेंटेनेंस का खर्चा उठाना पड़ रहा है।
अब जबकि परीक्षाएं सिर पर हैं और स्कूलों में नकल को रोकने के लिए टीमों को लगातार निरीक्षण पर जाना पड़ेगा तो विभाग के पास विभिन्न स्कूलों में जाने के लिए गाड़ी ही नहीं है। परीक्षाओं से पूर्व में सीसीटीवी के निरीक्षण और पढ़ाई संबंधी निरीक्षण के लिए टीमें अपने स्तर पर निजी वाहनों में जा रही हैं। ऐसे में न तो स्कूलों का निरीक्षण प्रभावी हो रहा है और न ही अधिकारियों को वाहन की सुविधा मिल पा रही है। वहीं परीक्षाओं के समय भी औचक निरीक्षण पर संशय बना हुआ है, क्योंकि वाहन के बिना निजी वाहन में टीमें एक दिन में लक्ष्य के अनुसार निरीक्षण नहीं कर पाएंगी। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक जसवंत सिंह का कहना है कि पुराने हायर वाहन का एग्रीमेंट पूरा हो गया है। उसकी पेमेंट क्लीयर करवाई जा रही है। जबकि, नए वाहन के लिए विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल निरीक्षण विंग की टीमें निजी वाहनों में निरीक्षण कर रही हैं।