जाहू (हमीरपुर)। गर्मी शुरू होते ही पेयजल स्रोत सूखने लगे हैं। इससे जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ आम जनमानस की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। भोरंज उपमंडल की सभी 17 उठाऊ पेयजल योजनाओं के स्रोतों का जल स्तर गिर कर नीचे पहुंच गया है। योजनाओं में 25 फीसदी से अधिक पानी की कमी होने से पेयजल संकट की समस्या शुरू हो गई है। जल शक्ति विभाग उपमंडल लदरौर के अधीन मेवा-बमसन (प्रोजक्ट) और 17 उठाऊ पेयजल योजनाओं से करीब 60 हजार आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है। लोगों को पानी सुविधा के लिए विभाग ने करीब 12500 नल लगाए गए हैं। इससे पहले जल शक्ति विभाग उपभोक्ताओं को हर रोज 45 से 50 लाख लीटर पानी की सप्लाई करता था लेकिन पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण जल स्रोत सूख रहे हैं।
करीब 25 फीसदी से अधिक पानी की कमी होने के कारण हर रोज 20 से 25 लाख लीटर पानी की सप्लाई नलों को हो रही है। इससे नलों में पानी कम आने की समस्या पैदा हो गई है। लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। नलों में कम पानी आने की शिकायतें जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को लगातार मिल रही हैं। मेवा-बमसन (प्रोजेक्ट) के जाखू के कुएं में भी पानी की कमी हो गई है। इससे अवाहदेवी टैंक में भी कम पानी आ रहा है और अन्य स्थानों पर बने टैंकों को भी कम पानी जा रहा है।
पानी का सदुपयोग करें लोग : आशीष देव
जल शक्ति विभाग उपमंडल भोरंज के सहायक अभियंता आशीष देव ने कहा कि बारिश के अभाव से पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी की कमी हो गई है। अगर बारिश नहीं हुई तो विभाग जल्द ही पानी की राशनिंग शुरू करेगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि पानी का सदुपयोग करें तथा व्यर्थ में न बहने दें।