हमीरपुर। संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में प्रत्याशियों की हार और जीत के साथ ही क्षेत्ररक्षण ने इस चुनावों को रोचक बना दिया है। भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों पर अपने-अपने गृह जिले को बचाने का दबाव बन गया है। हमीरपुर जिला भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। इस जिले से चुनावों में भाजपा को शुरू से बढ़त मिलती रही है। अनुराग ठाकुर का यह गृह जिला है। इस सीट पर भाजपा पिछले सात चुनावों से लगातार चुनाव जीत रही है। वहीं, चुनावों में मिली लगातार हार के कारणों को खंगाल कर कांग्रेस अब उन कमियों को दूर करने के प्रयास के साथ चुनावी रण में है।
वहीं श्री नैनादेवी से कांग्रेस विधायक एवं लोकसभा प्रत्याशी राम लाल ठाकुर का बिलासपुर गृह जिला है। दोनों प्रत्याशियों को अपने-अपने गृह जिले में मतदान में बढ़त बनाने की चुनौती है। इस चुनाव में अपने गृह जिला में मिलने वाली लीड ही प्रत्याशियों के आगामी राजनीतिक भविष्य को तय करेगी। दिलचस्प बात यह है कि हमीरपुर जिले में कांग्रेस के पास पांच में से तीन विधायक हैं। वहीं बिलासपुर और ऊना जिला में भाजपा के पास तीन-तीन सीटें हैं। तीन चुनावों में हैट्रिक लगा चुके भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर आत्म विश्वास से लबरेज हैं तो कांग्रेस प्रत्याशी राम लाल ठाकुर पूर्व में लगातार तीन चुनावों में मिली हार से सबक लेकर चुनावी रणक्षेत्र में कूदे हैं। 10 मार्च को लोकसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता लागू हुई थी। बीते 65 दिनों में चुनाव प्रचार के दौरान सभी दलों ने खूब पसीना बहाया है। सभी प्रत्याशियों के पास शुक्रवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन बचा है। 19 मई को मतदान और उसके बाद 23 मई को मतगणना के बाद यह चुनावी शोर थम जाएगा।