हमीरपुर। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में सरकार और शिक्षा विभाग ने प्री-प्राइमरी कक्षाएं तो शुरू कर दी हैं लेकिन, इन कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड-डे-मील की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण कई स्थानों में तो स्कूल अपने स्तर पर बच्चों को दोपहर का भोजन खिला रहे हैं लेकिन, कई स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है। सरकार ने प्री-प्राइमरी बच्चों को भी मिड-डे मील खिलाने की अधिसूचना जारी नहीं की है। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में हजारों बच्चे प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिला ले चुके हैं।
वहीं, अध्यापकों को भी इन बच्चों को पढ़ाने के लिए खास प्रशिक्षण दिया गया है। जिले में भी 261 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं। जिनमें करीब 1800 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए दाखिला ले चुके हैं। प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में कम होती रुचि और शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए सरकारी स्कूलों में भी प्री-प्राइमरी कक्षाएं चलाने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर प्रदेश के कई स्कूलों के अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया और अक्तूबर माह से स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू कर दी गईं लेकिन, इन बच्चों को मिड-डे मील देने की अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर देशराज भड़वाल का कहना है कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए मिड-डे मील उपलब्ध करवाने की योजना बन रही है। बच्चों को स्कूल अपने स्तर पर भोजन खिला रहे हैं। विभाग के अनुसार इन बच्चों को मिड-डे-मील की अधिसूचना जल्द ही जारी होगी।