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पीजीटी प्रवक्ता की वार्षिक वृद्धि रोकना एकतरफा कार्रवाई : संघ

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हमीरपुर। प्रदेश पदोन्नत प्रवक्ता संघ ने कम परीक्षा परिणाम आने के कारण उच्चतर शिक्षा विभाग में कार्यरत 38 पीजीटी प्रवक्ता की वार्षिक वृद्धि रोकने की कार्रवाई को एकतरफा और दुर्भाग्यपूर्ण कहा है। संघ के प्रदेश प्रधान रत्नेशवर सलारिया, सचिव यशवीर जंवाल, वित्त सचिव महिंद्र गुप्ता, प्रदेश मीडिया प्रभारी विकास धीमान, जिला कांगड़ा प्रधान प्रदीप धीमान, हमीरपुर के केवल ठाकुर, बिलासपुर के संजीव शर्मा सहित सभी जिलों के पदाधिकारियों ने कहा कि कम परीक्षा परिणाम के लिए मात्र अध्यापक ही उत्तरदायी नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना करते हुए सरकार अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में झोंक देती है। कक्षा आठवीं तक किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाता।
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पाठशाला में आए दिन गैर शैक्षणिक दिवसों का आयोजन करना पड़ता है। भले ही शैक्षणिक सत्र समाप्ति पर क्यों न हो। छात्रों की वार्षिक छुट्टियों का शेड्यूल तय करने में अध्यापक संघों की मांगों को दरकिनार कर दिया जाता है। जिसके कारण आए दिन पाठशाला में खराब मौसम के कारण छुट्टी घोषित करनी पड़ती है। इससे पाठशाला में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता। ऐसे में यदि परीक्षा परिणाम किसी एक वर्ष कम रहता है तो इसका ठीकरा मात्र अध्यापकों के सिर पर फोड़ना उचित नहीं है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रत्नेश्वर सलारिया का कहना है कि इन अध्यापकों को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिया जाए और पहली बार कम परीक्षा परिणाम के लिए उन्हें सिर्फ चेतावनी दी जाए और अगले वर्ष भी यदि परीक्षा परिणाम कम आता है तो उचित कार्रवाई की जाए। संघ ने कहा कि यदि सरकार अपने इस निर्णय को वापस नहीं लेती तो उनके संघ को अध्यापकों के हितों की रक्षा करने के लिए मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
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