हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में सेवारत कैंसर मुक्त अभियान के डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा हमीरपुर अस्पताल को बॉय-बॉय कर गए हैं। पिछले कुछ समय से अपने तबादलों व अन्य प्रकार के अतिरिक्त दबाव के कारण डॉ. पुष्पेंद्र काफी परेशान थे। उन्होंने हमीरपुर अस्पताल को छोड़ कम्युनिटी मेडिसिन और संक्रमण रोग (एपीडेमोलॉजी) विभाग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के लिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया है। बुधवार को वह हमीरपुर अस्पताल से रिलीव हो गए।
डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा चिकित्सक के अलावा एक अव्वल समाजसेवक भी रहे हैं। अस्पताल के अलावा वह अपने घर व रास्ते में जहां भी मरीज मिलते उनका चेकअप करने लग जाते। हमीरपुर अस्पताल में रहते हुए उन्होंने कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए एक अलग ओपीडी बनाई थी। जहां पर स्क्रीनिंग के अलावा मरीजों की कीमोथेरेपी भी किए करते थे। वर्तमान में जिला हमीरपुर में ढाई सौ से अधिक कैंसर रोगी हैं। प्रत्येक 15 और 20 दिन के बाद मरीजों की कीमोथेरेपी होती है। डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा वर्तमान में कैंसर के अलावा टीबी उन्मूलन, एड्स, ब्लड बैंक समेत कई स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों का हमीरपुर जिला में संचालन कर रहे थे। प्रदेश में टीबी मुक्त हिमाचल का लक्ष्य 2021 रखा है, जबकि हमीरपुर में डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने वर्ष 2020 तक टीबी मुक्त जिला का लक्ष्य लेकर चले थे। वहीं ब्लड बैंक के प्रभारी के तौर पर उन्होंने एक वर्ष में तीन हजार यूनिट रक्त एकत्रित कर एक रिकॉर्ड भी बनाया है। वर्तमान में वह प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव भी हैं। बीते विस चुनावों में उनके कांग्रेस की टिकट पर हमीरपुर से चुनाव लड़ने की अटकलें शुरू हुई थीं। जिसके चलते वर्तमान में कई तरह के दबाव के कारण परेशानी हो रही थी। उधर, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अर्चना सोनी ने कहा कि डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा बुधवार को अस्पताल से रिलीव हो गए हैं।