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घुमंतू परिवारों की तरह हुआ एचएएस अधिकारियों का हाल

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हमीरपुर। जयराम सरकार में प्रशासनिक अधिकारियों की खूब उठक-पटक हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के गृह जिले में अधिकतर अधिकारी एक और चार माह से अधिक नहीं टिक रहे। अगर एचएएस अधिकारियों की बात करें तो यहां अधिकतर अधिकारी एक और चार माह के भीतर ट्रांसफर हुए हैं। यही हाल आईएएस अधिकारियों का भी रहा है। प्रदेश सरकार ने अब वीरवार को जिन 50 एचएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, उनमें हमीरपुर के भी आधा दर्जन अधिकारी जद में आए हैं। इससे इलाके के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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इन तबादलों में अधिकारियों का पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। बच्चों को कभी एक स्कूल तो कभी दूसरे स्कूल में दाखिल करवाना पड़ रहा है। किसी भी पद पर कम से कम दो से तीन माह भौगोलिक स्थिति और कार्यप्रणाली को समझने में लगता है और जब तक अधिकारी को इसकी समझ आती है तो उसे दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया जाता है। वीरवार को जारी तबादला सूची में एसडीएम हमीरपुर शशिपाल नेगी, एसी-टू-डीसी सुनयना शर्मा, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलसचिव बच्चन सिंह, एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के कुलसचिव का नाम शामिल है। एसडीएम और एसी टू डीसी ने फरवरी 2019 को हमीरपुर में ज्वाइन किया था। जबकि इससे पहले एसी टू डीसी के पद पर एचएएस अधिकारी अनुपम ठाकुर महज एक माह और वीरेंद्र शर्मा महज छह माह ही सेवा दे पाए। वहीं तकनीकी विवि में कुलसचिव बच्चन सिंह ने भी 28 फरवरी 2019 को ही हमीरपुर में ज्वाइन किया था। एसडीएम बड़सर का सेवाकाल भी बहुत कम रहा है। एसडीएम भोरंज और सुजानपुर के पद पर भी पूर्व में कई अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं।
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