हमीरपुर। एनआईटी हमीरपुर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब संबंधित नियोक्ता कंपनी ने कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने के लिए 10 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। कंपनी के ब्रांच हेड जितेंद्र सिंह ने हमीरपुर में पत्रकार वार्ता में कहा कि कर्मचारियों की ओर से की गई हड़ताल गलत है। कंपनी समय पर कर्मचारियों को वेतन देती है, वर्ष 2017-18 के बोनस का भुगतान कर दिया है। 2018-19 का भी जल्द ही कर दिया जाएगा। बढ़े हुए वेतन का भुगतान भी जल्द ही कर दिया जाएगा।
कंपनी प्रतिनिधि ने कहा कि दस कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और उनके समक्ष अपनी मांगें और समस्याएं रखीं। कर्मचारियों को ट्रांसफर न करने की मांग को छोड़कर शेष मांगों पर सहमति बन गई है। अगर कर्मचारी दस जून तक सुबह अपनी ड्यूटी पर नहीं आए तो बाहरी कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। कंपनी कर्मचारियों से बातचीत को तैयार है, चाहे उनसे आधी रात को भी कर्मचारी आकर बात करें, वह तैयार हैं। वह पिछले तीन दिन से हमीरपुर में ही हैं। शनिवार को मुद्दे को सुलझाने के लिए मदन लाल, नरेश कुमार, बलवीर सिंह, पूनम सिंह, महेंद्र सिंह, अश्वनी कुमार, सुरेश, पवन, सरिता, सरोज उनसे बातचीत के लिए आए थे। इस मौके पर एनआईटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार कुमार गौरव भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को प्रबंधन की तरफ से कोई तंग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनआईटी के कुछ कर्मी हड़ताल पर नहीं गए है और वह सफाई व्यवस्था बनाए रख रहे हैं।
क्या कहते है कर्मचारी-
नहीं आएंगे ड्यूटी पर, बाहरी कर्मियों को भी नहीं आने देंगे
एनआईटी सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान पवन कुमार, सचिव पूनम और सदस्य नरेश कुमार ने कहा कि ट्रांसफर का मुद्दा मुख्य है। इसके लिए ही सारा मामला गर्माया है। कंपनी के साथ कोई सहमति नहीं हुई है। बातचीत में रजिस्ट्रार ने कुछ मुद्दे क्लीयर कर दिए, लेकिन ट्रांसफर के लिए कंपनी ही अधिकृत होने की बात रजिस्ट्रार ने कही। वह दस जून को भी काम पर नहीं आएंगे। अगर कंपनी बाहरी कर्मचारी एनआईटी में लाएगी तो वह कैंपस के अंदर उन कर्मचारियों को नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि वह लोकल हैं और कई वर्षों से एनआईटी में कार्य कर रहे हैं।