फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेयजल योजना का निर्माण नहीं, तो दान की गई भूमि वापस करे विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
जाहू (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के अंतर्गत पड़ते मनोह भेबल गांव के लिए पेयजल योजना बनाने के लिए भूमि दान करने के बावजूद विभाग निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पाया हैं। इससे खफा मालिक ने दान की भूमि को वापस लेने की चेतावनी दी है। चार माह से योजना की स्वीकृति की फाइल शिमला में उच्चाधिकारियों के कार्यालय में धूल फांक रही है। इससे ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है। मनोह, भेबल, जमली प्लासी गांव को आईपीएच उपमंडल भोटा के तहत आने वाली जाड़-बखौटा पेयजल योजना से पानी की सप्लाई दी जाती है। इन गांवों में लगातार पानी की समस्या रहती है। इससे ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट की समस्या से जूझना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी हल के लिए विभाग ने मार्च माह में मनोह-भेबल पेयजल योजना बनाने की प्रपोजल तैयार की है।
विज्ञापन

योजना के निर्माण के लिए विभाग के कहने पर जमली-प्लासी निवासी सुरेंद्र सिंह संधू ने अपनी निजी भूमि में से चार मरले भूमि योजना के निर्माण के लिए विभाग के नाम करवा दी है। इसके बाद विभाग ने जून माह में योजना का निर्माण कार्य शुरू करने का ग्रामीणों को आश्वासन दिया था। योजना का निर्माण कार्य शुरू न होने पर भूमि मालिक सुरेंद्र सिंह संधू ने विभाग को चेतावनी दी है कि अगर योजना का निर्माण विभाग शुरू नहीं करना चाहता तो दान की गई भूमि को वापस कर दें। कड़ोहता के पंचायत प्रधान संतोष धीमान, उपप्रधान विरेंद्र डोगरा ने आईपीएच मंडल बड़सर के अधिशासी अभियंता से मांग की है कि मनोह-भेबल पेयजल योजना का कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। इस संबंध में आईपीएच मंडल बड़सर के अधिशासी अभियंता जितेंद्र गर्ग का कहना है कि मनोह-भेबल पेयजल योजना के निर्माण के लिए विभाग ने 40 लाख का एस्टिमेट बनाकर उच्चाधिकारियों की स्वीकृति के लिए भेज दिया है। योजना को जल्द स्वीकृति मिलेगी। इसके बाद विभाग टेंडर की प्रक्रिया शुरू करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें