भोरंज(हमीरपुर)। बिजली उपमंडल भोरंज मेें फील्ड कर्मचारियों के 30 पद अरसे से खाली चल रहे हैं। बिजली उपमंडल भोरंज के तहत 117 ट्रांसफार्मर हैं। इन सभी ट्रांसफार्मरों का जिम्मा मात्र 40 कर्मचारियों के हवाले है। कुल मिलाकर एक कर्मचारी के हवाले दो से तीन ट्रांसफार्मर की देखरेख का जिम्मा है। बिजली का कार्य खतरे का कार्य होता है। इसमें एक समय पर एक कार्य के लिए कम से कम तीन कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन भोरंज में कर्मचारियों की कमी के कारण उल्टा हो रहा है। एक कर्मचारी दो से तीन कार्य देख रहा है।
वहीं कर्मचारियों की कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लोगों की बिजली संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए एक कर्मचारी को एक दिन में एक से दूसरी जगह दौड़ना पड़ता है। इस कारण मौजूदा कर्मचारियों को परेशानी होती है। उधर, कर्मचारियों की कमी के कारण लोगों की बिजली समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पाता है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस संदर्भ में एसडीओ बिजली उपमंडल भोरंज कमलजीत का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।