कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त हमीरपुर मदन चौहान ने कहा कि किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने को कृषि विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। रसायनों के बढ़ते प्रयोग से मृदा की उर्वरकता भी कम होने लगी है।
इसी को ध्यान में रखते परंपरागत कृषि विकास योजना में जैविक खेती को प्रमुखता से शामिल किया गया है। परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 70 लाख की राशि व्यय की गई है। हमीरपुर में 2015 में 300 हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती से जोड़ा गया।
जैविक खेती बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट, भू-संरक्षण और सिंचाई के लिए किसानों को वाटर टैंक, बोरवैल, कुआं बनाने के लिए 50 प्रतिशत के अनुदान का प्रावधान है। साथ ही फव्वारा सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
उपनिदेशक कृषि अलबेल ठाकुर ने कहा कि इस वित्त वर्ष में जैविक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उपायुक्त मदन चौहान ने बताया कि कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 150 से ज्यादा हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती में लाने का लक्ष्य है। किसानों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जा रहे हैं।