बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में दर्शनों के लिए पहुंचा नव विवाहित जोड़ा। संवाद
दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर में माथा टेकने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगना शुरू हो गई। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर न्यास ने पुख्ता इंतजाम किए गए।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में लंगर सुविधा भी प्रदान की गई। माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं ने घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। दिनभर मंदिर में बाबा बालक नाथ के जयकारे गूंजते रहे। शादियों के सीजन के चलते नवविवाहित दंपती परिवार के साथ मंदिर में पौणाहारी का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं।
मान्यता है कि विवाह के उपरांत बाबा बालक नाथ का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन को आते हैं, जिससे आने वाला जीवन सुख में रहता है। मंदिर के बैरियर नंबर दो से केवल पास होने पर ही गाड़ियों को मंदिर परिसर तक जाने की अनुमति दी गई। वहीं, बिना अनुमति पत्र के गाड़ियों को गेट नंबर एक पर बनी पार्किंग में खड़ा किया गया।
इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गेट नंबर एक से लेकर पांच नंबर गेट तक पुलिस के जवान और होमगार्ड तैनात रहे।
कोट
मंदिर में 15 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए। मंदिर में श्रद्धालुओं को हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है।
-राजेंद्र गौतम, न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम, बड़सर