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ग्रीन एरिया में अवैध कॉलोनी पर अब सरकार लेगी फैसला

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हमीरपुर। नगर नियोजन एवं हरित क्षेत्र (ग्रीन एरिया) ब्राहलड़ी में बिना मंजूरी कॉलोनी बसाने के मामले की जांच पूरी कर फाइल हमीरपुर जिला प्रशासन ने प्रदेश सरकार को भेज दी है। अब प्रदेश सरकार इस पर कोई निर्णय लेगी। सरकार चाहे तो अवैध प्लाटों को वैध करार दे सकती है या इस अवैध भूमि सौदे को रद्द कर मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई अमल में ला सकती है। जिला मुख्यालय में एक बड़े भूखंड की खानगी तकसीम के छोटे-छोटे टुकड़े कर प्लाट बनाकर करोड़ों रुपये में बेच दिए गए। ‘अमर उजाला’ ने अप्रैल माह के अपने विभिन्न अंकों में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए मामला विधि विभाग को भेजा।
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इसके साथ ही जिला प्रशासन ने बिजली बोर्ड, आईपीएच, नगर परिषद और नगर नियोजन विभाग को चिट्ठी भेज कर बेचे गए प्लाटों पर किसी भी तरह के निर्माण के लिए एनओसी न देने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन इससे पहले राजस्व विभाग को शेष बचे प्लाटों की रजिस्ट्री नहीं करने के आदेश दे चुका है। जिला प्रशासन के नए फरमान से कारोबारियों और प्लाट खरीदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्लाटों के खरीदारों को भवन के नक्शे, पानी, बिजली और सीवरेज कनेक्शन हासिल करने के लिए एनओसी की जरूरत रहती है। लेकिन, जिला प्रशासन की ओर से एनओसी पर रोक के आदेश जारी होने के बाद भवन निर्माण की प्रक्रिया बंद पड़ी है। भवन निर्माण और रजिस्ट्री पर लगी रोक के बाद राजस्व विभाग, कारोबारियों और खरीदारों में हड़कंप है।

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ग्रीन एरिया में कंस्ट्रक्शन नहीं, कालोनी में यह सुविधाएं जरूरी-
ग्रीन एरिया में कोई कंस्ट्रक्शन नहीं हो सकती। वहीं, नगर नियोजन क्षेत्र में कालोनी बसाने के लिए प्लाटों के बिक्री के समय रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी एक्ट) के अनुसार सीवरेज पाइप लाइन, सात से आठ मीटर चौड़ी सड़क, कालोनी में पार्क, बिजली ट्रांसफार्मर के लिए जगह, पेयजल स्कीम समेत मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य हैं। इसके अलावा कारोबारी के पास बिल्डर लाइसेंस का होना भी अनिवार्य है।
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बयान-
उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा का कहना है कि जिला मुख्यालय में अवैध कॉलोनी बसाने के मामले में उनके आने से पहले ही जमीन की रजिस्ट्री, पानी-बिजली की एनओसी पर रोक लगी हुई है। अब इस मामले की जांच रिपोर्ट को प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। सरकार ही आगामी निर्णय लेगी।
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