हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एमबीबीएस की 100 सीटों का पहला सत्र अगस्त माह से शुरू हो रहा है, लेकिन यहां तैयारियां अभी तक शून्य हैं। क्षेत्रीय अस्पताल भवन में शुरू होने वाले मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के धरातल मंजिल पर पर्ची काउंटर और ओपीडी को यहां से अन्यत्र शिफ्ट किया जा चुका है ताकि इस जगह पर आपातकालीन वार्ड का कार्य शुरू किया जा सके। बीते दो माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद इमरजेंसी वार्ड का कार्य शुरू नहीं हुआ।
अस्पताल में नया लैब भवन बनकर तैयार हो चुका है लेकिन अभी तक लैब से संबंधित उपकरण व मशीनें स्थापित नहीं हुई हैं। बर्न यूनिट और एमपीडब्ल्यू प्रशिक्षण केंद्र में लेक्चर थियेटर तैयार हो चुके हैं। यहां भी अभी तक फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो पाई। अस्पताल में करीब तीन माह से एक पद पर दो चिकित्सा अधीक्षक कार्यरत हैं। मेडिकल कॉलेज में तैनात चिकित्सकों के ड्यूटी रोस्टर को लेकर भी चिकित्सा अधीक्षक और प्रिंसिपल में कुछ दिन पूर्व गहमागहमी हो चुकी है।
उधर, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि फर्नीचर और लैब उपकरण की शीघ्र खरीद की जाएगी। इसके साथ ही अस्पताल में मौजूदा कमियों का निरीक्षण कर उन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस के नए सत्र की सभी तैयारियां जारी हैं।
निजी मेडिकल स्टोर भी नहीं हुआ शिफ्ट
अस्पताल के धरातल पर आरकेएस के माध्यम से आवंटित दवाइयों की दुकान को इमरजेंसी वार्ड के कार्य के चलते बाहर शिफ्ट किया जाना है। जिसके चलते अस्पताल प्रशासन ने मार्च माह में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से अस्पताल परिसर में ही एक दुकान का निर्माण करवाया था। इस नवनिर्मित दुकान में अस्पताल के भीतर चल रहे मेडिकल स्टोर को शिफ्ट किया जाना है। लेकिन यह कार्य अभी तक लटका हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में करीब 500 पद अभी तक खाली
डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मेडिकल और पैरा मेडिकल के करीब 750 पद स्वीकृत हैं। जिसमें फैकल्टी के पद 104, स्टाफ नर्स के 98, नर्सिंग के 40 और कार्यालय स्टाफ के 20 पद प्रमुख रूप से शामिल हैं। लेकिन मौजूदा समय में महज 250 पद ही भरे हैं, शेष 500 पद खाली चल रहे हैं। जिससे मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं शुरू होने के बाद दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।