हमीरपुर। जिलाभर में शुक्रवार रात को हुई बारिश राहत के साथ-साथ आफत बनकर बरसी है। बारिश से जहां जिला के लोगों को गर्मी से निजात मिली है। वहीं तूफान और बारिश के कारण बिजली ट्रांसफार्मर में खराबी आ जाने से जिले की दर्जनों पंचायतों में बिजली गुल रही। इससे सबसे ज्यादा बड़सर, ढटवाल व नादौन क्षेत्र प्रभावित रहे। बड़सर से बिझड़ी 33 केवी लाइन में तकनीकी फाल्ट आने पर ढटवाल क्षेत्र की 18 पंचायतों के दर्जनों गांवों की बिजली रात भर बंद रही। वहीं बड़सर अस्पताल में 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। जिसे कर्मचारियों ने शनिवार को सुचारु किया। इस कारण अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ी। उपमंडल की कई पंचायतों में रात को लगातार बारिश होने से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। दूसरे दिन कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के उपरांत कई गांवों की बिजली को बहाल कर दिया लेकिन कई गांवों में शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
गारली सेक्शन में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस संबंध में अधिशासी अभियंता बिजली उपमंडल बड़सर सुरेश पटियाल का कहना है कि ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने से 33 केवी लाइन बंद रही। बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है। बड़सर में पेड़ गिरने से अस्पताल में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा जिला में आम की फसल भी इस बारिश और तूफान से प्रभावित हुई है। इससे नादौन क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। तूफान के कारण बागवानों और किसानों को हानि हुई है। बागवानों और किसानों में ज्ञान चंद, प्रताप राणा, विजय कुमार, देवराज आदि का कहना है कि तूफान और बारिश के बाद आम के पेड़ों के नीचे फलों के ढेर लग गए। तूफान ने आम की फसल को प्रभावित किया है। जिला उद्यान विभाग उपनिदेशक आरके धीमान का कहना है कि एक हफ्ते में बारिश और तूफान के कारण जिला में आम की 40 फीसदी फसल बर्बाद हुई है।