हमीरपुर। बिजली बोर्ड जिला हमीरपुर में आवेदनकर्ताओं को नए बिजली के मीटर मुहैया नहीं करवा पा रहा है। यह सिलसिला एक साल से चला हुआ है। बिजली के मीटर नए घरों या पुराने मीटरों की जगह नए मीटर लगवाने के लिए 1311 आवेदन बोर्ड के कार्यालयों में पड़े हुए हैं। आवेदकों का कहना है कि वे कई बार बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं। एक साल से बिजली के मीटर उनकी पशुशालाओं और नए घरों में नहीं लग पाए हैं।
इससे लोगों में बोर्ड प्रबंधन के प्रति मायूसी छाई हुई है। कई बार तो बोर्ड के कर्मचारी यह कहकर टाल रहे हैं कि कुछ समय से स्पार्ट मीटरों को लगाने का भी प्रस्ताव है। इस कारण पुरानी तकनीक वाले मीटरों को नहीं लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं मीटरों को पुराने घरों से नए घरों में बदलने के आवेदन भी बोर्ड के कार्यालयों में काफी पहुंच रहे हैं। जिले में बोर्ड के कार्यालयों में हर रोज पांच से छह आवेदन नए मीटर लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ आवेदक तो कई बार बोर्ड के कार्यालयों के चक्कर काटकर थक चुके हैं। बोर्ड प्रबंधन से कर्मचारी वर्ग भी काफी समय से नाराज चला हुआ है। शिमला में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल भी की है। सरकार के आश्वासनों के बाद बोर्ड के कर्मचारियों ने इस हड़ताल को टाला है। कर्मचारी जहां स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहे हैं वहीं बोर्ड प्रबंधन इन्हें लगवाने के लिए जिद पर अड़ा हुआ है। बिजली मीटर लगवाने के लिए आवेदन करने वालों का कहना है कि उनके नए घरों और पशुशालाओं को बने हुए छह महीने से ऊपर का समय हो गया है लेकिन अभी तक उनके घरों में बिजली की न तो लाइन बिछाई गई है और न ही नए मीटरों को लगाने के बारे में कोई सूचना बोर्ड कर्मचारियों ने उनको दी है।
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बिजली बोर्ड डिवीजन हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता नरेंद्र बरोल ने बताया कि जिला हमीरपुर में 1311 आवेदन बिजली मीटर लगवाने के लिए प्राप्त हुए हैं। यह बिजली मीटरों के आवेदन एक साल से लंबित पड़े हैं। इन पर बोर्ड प्रबंधन कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है।