हमीरपुर। जिला हमीरपुर के दो सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के तबादले से हड़कंप मचा है। दोनों ने अभी तक संबंधित स्कूल को नहीं छोड़ा। जिसके चलते स्कूल में सेवारत स्टाफ में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। बता दें कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या हमीरपुर की प्रधानाचार्य का मंडी जिला और राजकीय उच्च पाठशाला बनाल की मुख्याध्यापक का तबादला सिरमौर के स्कूल के लिए हुआ है। हमीरपुर स्कूल की प्रधानाचार्य को संबंधित स्कूल में तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा नहीं हुआ है। वहीं शिक्षा विभाग की तरफ से आवंटित स्कूल भी काफी दुर्गम क्षेत्र में है। जिसके चलते वह हमीरपुर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि उनकी जगह बुधवार को मंडी जिला के एक स्कूल से ट्रांसफर होकर आए प्रधानाचार्य जोगिंद्र पाल ने ज्वाइन कर लिया है। वीरवार को स्कूल में दो प्रधानाचार्यों की उपस्थिति रजिस्टर पर हाजिरी और स्कूल में मौजूदगी से काफी माहौल गर्माया।
वहीं बनाल स्कूल की मुख्याध्यापक का पदोन्नति के बाद तबादला सिरमौर जिले के एक स्कूल में बतौर प्रधानाचार्य के पद पर हुआ है। लेकिन, उन्होंने अभी तक स्टेशन नहीं छोड़ा है। जबकि उनके स्थान पर कांगड़ा जिला में सेवाएं दे रहे मुख्याध्यापक अरुण कुमार शर्मा के तबादला आदेश हुए हैं। इससे पहले बनाल स्कूल के लिए जोलसप्पड़ स्कूल से पदोन्नत हुए मुख्याध्यापक राजकुमार के तबादला आदेश हुए थे। लेकिन, मौजूदा मुख्याध्यापक के रिलीव न होने से इन दोनों ने अभी तक बनाल स्कूल में ज्वाइन नहीं किया। बता दें कि हमीरपुर जिले में आधा दर्जन से अधिक मामले इस तरह के सामने आ चुके हैं। तबादलों के बावजूद स्कूल के अध्यापक और प्रधानाचार्य स्टेशन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। कइयों ने न्यायालय से स्टे ले रखा है। हमीरपुर स्कूल की प्रधानाचार्य नीना ठाकुर ने कहा कि रिलीव होने से पूर्व कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। चार्ज देने में समय लगता है। उधर, उच्चत्तर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सोमदत्त सांख्यान ने कहा कि वह छुट्टी पर हैं, सोमवार को कार्यालय आने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।