हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर के दुकानदार जिला प्रशासन और नगर परिषद के आदेशों की सरेआम अवहेलना कर रहे हैं। नोटिस भेजने के बावजूद शहर के दुकानदारों ने अभी तक भवन की छतों से सड़कों पर गिराए जा रहे बारिश के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। दुकानदारों के इस अड़ियल रवैये के आगे नगर परिषद ने भी घुटने टेक दिए हैं। अगर नगर परिषद और जिला प्रशासन सख्ती दिखाता तो अब तक बारिश के पानी की व्यवस्था हो जाती लेकिन, सड़क से पैदल गुजरने वाले राहगीरों के दर्द की सरकारी अधिकारियों को कोई चिंता नहीं है।
लोक निर्माण विभाग ने बरसात के मौसम से पहले ही शहर की सड़क पर टारिंग की है लेकिन, भवनों से गिरने वाले बारिश के पानी से सड़कों को खासा नुकसान पहुंच रहा है। नगर परिषद और लोक निर्माण विभाग दोनों महज तमाशा देख रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर आंखें मूंद ली हैं। बता दें कि करीब दो माह पहले अमर उजाला ने शहर में भवनों से बारिश का पानी सड़कों पर गिराने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। कुछ देर के लिए वाहवाही लूटने के लिए नगर परिषद ने भी आनन-फानन में दुकानदारों को नोटिस भेजे। लेकिन, अभी तक समस्या ज्यूं की त्यूं बनी हुई है। शहरवासियों में सुशील शर्मा, वीरेंद्र पठानिया, प्रदीप ठाकुर, ओम प्रकाश शर्मा, तरसेम सिंह और विपिन शर्मा का कहना है कि बहुमंजिला भवनों की छतों से पूरी गति के साथ सड़क पर बारिश का पानी फेंका जा रहा है, जिससे राहगीरों का सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से समस्या का शीघ्र निपटारा करने की गुहार लगाई है।
उधर, नगर परिषद हमीरपुर के ईओ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि जिन भवन मालिकों या दुकानदारों को माल रोड पर बारिश का पानी न गिराने के नोटिस जारी किए गए थे, उसमें अधिकतर भवन मालिकों ने इसका इंतजाम कर लिया है। अगर माल रोड पर फिर बारिश का पानी फेंका जाता है तो उस पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।