नवजात की गर्भ में मौत पर मेडिकल कॉलेज ने बिठाई जांच
कॉलेज प्रिंसिपल ने गायनी विभाग के अध्यक्ष से मांगी मामले की रिपोर्ट
कहा, अगर मामले में कोताही उजागर हुई तो संबंधित स्टाफ पर होगी कार्रवाई
हमीरपुर अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ की लापरवाही से हुई है नवजात की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में गर्भ में नवजात की मौत के मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच बिठा दी है। प्रिंसिपल डॉ. अनिल चौहान ने इस मामले में गायनी विभाग के अध्यक्ष से रिपोर्ट मांगी है। डॉ. चौहान ने सख्त लहजे में कहा है कि अगर इस मामले में किसी तरह की कोताही अस्पताल की तरफ से पाई गई तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
‘अमर उजाला’ ने अपने 28 अगस्त के अंक में अस्पताल की लापरवाही के इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। दांदड़ू तहसील बिझड़ी की रहने वाली गर्भवती महिला दीपिका के भाई शुभम धीमान ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गत दिवस उपायुक्त हमीरपुर और कॉलेज प्रिंसिपल को शिकायत पत्र सौंपा है। शुभम ने बताया है कि उनकी बहन को 21 अगस्त को हमीरपुर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती करवाया गया था। 22 अगस्त की रात 10 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन 23 अगस्त की सुबह 3 बजे तक कोई चिकित्सक नहीं आया। अस्पताल में ड्यूटी पर उपस्थित पैरामेडिकल स्टाफ में एक महिला कर्मचारी ने घुटने से बहन के पेट को दबाया और अत्यधिक दबाव के चलते नाड्ू बाहर आ गया। वहीं नवजात की गर्भ में मौत हो गई। उन्होंने प्रदेश सरकार को इस मामले की शिकायत भी भेजी है। शुभम ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल चौहान ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट गायनी विभाग के अध्यक्ष से मांगी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।