हमीरपुर। मूसलाधार बारिश से हमीरपुर जिले में एक गोशाला जमींदोज हो गई। जबकि मक्की की फसल खेतों में बिछने से काफी नुकसान पहुंचा। वीरवार सुबह हुई भारी बारिश से जिले के कई क्षेत्र और सड़कें जलमग्न हो गए। जिला मुख्यालय पर सड़कों किनारे बनी निकासी नालियों के अवरुद्ध होने के चलते सड़कों ने तालाब का रूप धारण कर लिया। बरसात की बारिश ने लोक निर्माण विभाग की पोल खोलकर रख दी है। जिला मुख्यालय के नादौन चौक सहित जिलाभर की कई सड़कों पर एक से डेढ़ फीट पानी जमा हो गया। उचित निकासी न होने के कारण पानी के सड़कों पर बहने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जिला मुख्यालय में सड़कों पर पानी होने के कारण वाहन चालकों की रफ्तार धीमी हो गई और कई बार पांच से दस मिनट का जाम भी लगा। हालांकि, इस बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत प्रदान की है, लेकिन जिलाभर के किसानों के लिए बारिश आफत बनकर बरसी है। किसानों की मक्की की फसल भारी बारिश के कारण तबाह हो गई है। बारिश के साथ साथ चले तूफान ने फसल को खेतों में बिछा दिया है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा। इसके साथ ही कई खड्डों और नालों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। खड्ड किनारे कई गांवों में उपजाऊ भूमि का कटाव भी हुआ है। वीरवार तड़के शुरू हुई बारिश ने लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों को खासा नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा बुधवार को अवाहदेवी क्षेत्र की हिम्मर पंचायत के धरौन गांव में एक पशुशाला गिर गई। इससे पीड़ित परिवार को करीब 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश से वीरवार को जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। सुबह सवेरे लगी बारिश के कारण लोग उचित समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।