बिझड़ी (हमीरपुर)। नगर पंचायत भोटा निवासी आंचल शुक्ला की एमबीबीएस की पढ़ाई के खर्च का जिम्मा पूर्व सैनिक और वर्तमान में शिक्षक महारल निवासी विचित्र सिंह ढटवालिया उठाएंगे। भोटा की रहने वाली आंचल का चयन नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मेडिकल कॉलेज टांडा में एमबीबीएस के लिए हुआ है। लेकिन, आंचल की पढ़ाई में उसकी गरीबी बाधा बन रही है। आंचल के पिता दर्जी का काम करते हैं और माता गृहिणी है। अमर उजाला ने 11 जुलाई के अंक में ‘बिटिया की डॉक्टरी की राह में आर्थिक बाधा’ शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद विधायक आईडी लखनपाल ने भी पंद्रह हजार रुपये का चेक भेंट किया। लेकिन, विचित्र सिंह ढटवालिया ने निर्धन बेटी के पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की हामी भरी है। ढटवालिया ने बुधवार को आंचल और उसके पिता पवन के साथ मुलाकात कर एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पहले साल की फीस का 60 हजार रुपये का चेक भेंट किया। साथ ही उन्होंने आंचल की 5 वर्षों तक चलने वाली डाक्टरी की पढ़ाई की हर वर्ष पूरी फीस देने की जिम्मेदारी उठाई। एडमिशन फीस के लिए पैसे का प्रावधान होने के बाद अब वीरवार को आंचल शुक्ला मेडिकल कॉलेज टांडा में दाखिला लेगी। विचित्र सिंह ढटवालिया पिछले कई वर्षों से अपने वेतन से क्षेत्र के दो दर्जन के करीब गरीब परिवारों की बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। अब ढटवालिया ने एक गरीब परिवार की बेटी की एमबीबीएस की पढ़ाई की फीस का खर्च उठाया है। इस फैसले ने क्षेत्र में मिसाल पेश की है।