हमीरपुर। खाद्य तेल के पैकेट में निर्धारित मात्रा से कम तेल पाए जाने पर प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम ने तेल कंपनी से आए ट्रक को वापस मोड़ दिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्य तेल को लेकर पंजाब से यह ट्रक हमीरपुर पहुंचा था। इस ट्रक को सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के बोहणी स्थित डिपो में खड़ा किया गया था। ट्रक से माल उतारने से पहले ही निगम के अधिकारियों ने तेल के पैकिंग की मात्रा का मापन कर लिया।
प्रदेश भर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को 910 ग्राम खाद्य तेल का पैकेट वितरित किया जाता है। लेकिन कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने जब सैंपल लेकर पैकिंग की जांच की तो तेल की मात्रा किसी पैकेट में 902 तो किसी पैकेट में 904 ग्राम निकली। इस पर ट्रक में सप्लाई लेकर आए कंपनी के कर्मचारी करीब दो दिन तक हमीरपुर में गोदाम के बाहर ट्रक को खड़ा कर कंपनी प्रबंधक की कॉरपोरेशन के अधिकारियों से बातचीत कर मामले को निपटाने पर अड़े रहे। कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने इसे भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी का मामला मानते हुए किसी भी समझौते से इनकार कर दिया। डिपो में खाद्य तेल की सप्लाई लेकर पहुंचे ट्रक को निगम के अधिकारियों ने वापस कंपनी में भेज दिया है। हिप्र सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के एरिया मैनेजर आरके सूद ने माना कि खाद्य तेल के पैकेट में निर्धारित मात्रा से कम तेल पाए जाने पर निगम ने सप्लाई को वापस कंपनी में भेज दिया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं का हित सर्वोपरि है।
जिला में दो माह से नहीं मिला खाद्य तेल
जिला हमीरपुर में दो माह से खाद्य तेल की आपूर्ति नहीं हुई है। जिसके चलते लोगों को बाजार से महंगे दामों पर खाद्य तेल खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही डिपो में दालों की आपूर्ति भी नियमित नहीं है। जिला में सार्वजनिक वितरण प्रणाली चरमरा गई है। जिला में सिविल सप्लाई के आठ गोदाम, 294 उचित मूल्य की दुकानें एवं डिपो हैं, जहां से जिला के 1.35 लाख राशन कार्ड धारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन मुहैया करवाया जा रहा है।