हमीरपुर। प्रदेश में साक्षरता में अव्वल जिला हमीरपुर में प्रशासन और नगर परिषद के स्वच्छता अभियानों पर सवाल उठने लगे हैं। यहां दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के शिलान्यासों के आगे गंदगी के ढेर लगे हैं। इन्हें उठाने की कोई जहमत नहीं उठा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क के किनारे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नामों की दो शिलान्यास पट्टिकाएं लगी हैं। वीरभद्र सिंह ने 31 अक्तूबर 1996 को मुख्यमंत्री रहते हमीरपुर जिले के रजत जयंती समारोह में मल निकासी योजना का शिलान्यास किया। जबकि प्रेम कुमार धूमल ने 18 दिसंबर 2002 को मुख्यमंत्री रहते जिला मुख्यालय पर पेयजल संवर्द्धन योजना का लोकार्पण यहां उपनिदेशक कार्यालय के बाहर किया।
इन दोनों कार्यक्रमों के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्रियों की शिलान्यास और लोकार्पण पट्टिकाएं यहां पर लगाई हैं। लेकिन, नगर परिषद ने कई सालों तक यहां पर कूड़ादान रखा। अब कूड़ादान हटाया, लेकिन शहर के लोगों ने इन पट्टिकाओं के सामने कूड़े के ढेर लगा दिए हैं। बता दें कि भोटा चौक से लेकर डीसी कार्यालय तक एक दर्जन सरकारी विभागों के कार्यालय और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लिए लोग इस सड़क से गुजरते हैं। लेकिन, कूड़े के ढेर के कारण बदबू के कारण लोग नाक पर रुमाल रख कर गुजरने को मजबूर हो रहे हैं। शहरवासियों में प्रदीप ठाकुर, अरुण शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, विवेक शर्मा, सुनील शर्मा, रविदत्त, अनिल पठानिया ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से इस स्थान से कूड़े के ढेर को हटाने और शहर को साफ-सुथरा बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर में इस तरह की गंदगी से स्वच्छ भारत अभियान पर सवाल उठ रहे हैं। उधर, नगर परिषद के ईओ ने कहा कि सफाई कर्मियों को शहर को साफ-सुथरा बनाने के निर्देश दिए हैं।