हमीरपुर। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एनपीएस संघ सहित अन्य कर्मचारी संघों से जुड़े संसदीय क्षेत्र हमीरपुर के करीब दो हजार कर्मचारियों ने सांसद अनुराग ठाकुर के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब चार दर्जन कर्मचारी मंच पर पूरा दिन भूख हड़ताल पर भी बैठे। इन कर्मचारियों में महिलाओं भी शामिल रहीं। एनपीएस संघ के जिला प्रधान राकेश कुमार, राज्य सोशल मीडिया प्रभारी कुलदीप चंदेल, मुख्य सलाहकार राजेंद्र स्वदेशी का कहना है कि रविवार को नई पेंशन प्रणाली के विरोध में कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नई पेंशन प्रणाली कर्मचारी विरोधी है। कर्मचारी हितैषी पुरानी पेंशन प्रणाली को बंद कर सरकार ने लाखों कर्मचारियों को बिल्कुल बेबस, बेसहारा छोड़ दिया है।
नई पेंशन स्कीम अमेरिका के इंटरनेशनल रिवेन्यू कोड पर आधारित है जोकि प्रारंभिक रूप से टैक्स बचाने के लिए लाया गया था। लेकिन, भारत सरकार ने इसे कर्मचारियों पर जबरदस्ती थोप दिया। स्वदेशी ने बताया कि अगर कर्मचारी वर्ग आज नहीं जागा तो एक समय ऐसा आएगा कि भविष्य में हमारे देश के सामने एक बहुत बड़ा संकट खड़ा होगा। नई पेंशन योजना पूर्ण रूप से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में असफल रही है। यह कभी भी पुरानी पेंशन स्कीम की जगह नहीं ले पाई है और न ही आगे ले पाएगी। अगर सरकार समय रहते पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो लगातार आंदोलन जारी रहेगा और 2019 के चुनावों में पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा मुख्य रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार को जल्द से जल्द अध्यादेश लाकर नई पेंशन को खत्म करके पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना चाहिए ताकि, कर्मचारियों का बुढ़ापा सुरक्षित हो सके। कर्मचारियों ने कहा कि इस प्रदर्शन के दौरान सांसद अनुराग ठाकुर को भी मांग पत्र सौंपने के लिए बुलाया था लेकिन, वह नहीं आए। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल इस मौके पर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग को सांसद अनुराग ठाकुर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर विक्रम सिंह राणा और किशोर ने भी जनसभा को संबोधित किया।
पहले करवा चौथ फिर पेंशन के लिए रखा उपवास
पुरानी पेंशन बहाली के लिए सांसद कार्यालय के बाहर आयोजित प्रदर्शन और भूख हड़ताल में करीब एक दर्जन महिलाओं ने भी भूख हड़ताल की। शनिवार को करवा चौथ के उपलक्ष्य पर महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखा और रविवार को पुरानी पेंशन बहाली के लिए। महिला वर्ग की कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए ताकि, कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।