हमीरपुर। जिला में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) के एक्टिव केस फाइंडिंग का दूसरा चरण दिसंबर माह में शुरू होगा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर टीबी संभावित लोगों के बलगम के नमूने ले रहा है। इस दौरान पॉजीटिव पाए जाने वाले लोगों का उचित उपचार चल रहा है। एक्टिव केस फाइंडिंग के तहत पहला चरण 17 सितंबर से दो अक्तूबर तक चलाया गया। अब इसी कड़ी में दूसरा चरण दिसंबर माह में शुरू होगा। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम में एक ब्लॉक स्तर का कर्मचारी, आशा वर्कर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीबी के संदिग्ध लोगों के घर-घर जाकर उनके बलगम के सैंपल भरेंगे।
इस अभियान के तहत मोबाइल वैन सीवी नेट से भी लोगों के बलगम की जांच की जाएगी। इस अभियान में अगर कोई केस एक्टिव पाया जाता है तो विभाग उस व्यक्ति का उचित उपचार शुरू करेगा ताकि, 2021 से पहले भारत को टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। एक्टिव केस फाइंडिंग के प्रथम चरण के तहत विभाग को जिले में 322 नए टीबी के मरीज मिले हैं। इन मरीजों के बलगम की जांच विभाग ने घर-घर जाकर की है। ऐसे में विभाग और सक्रिय हो गया है। इन सभी मरीजों का उपचार चल रहा है। जिला टीबी नियंत्रक अधिकारी डा. अजय अत्री का कहना है कि एक्टिव केस फाइंडिंग का दूसरा चरण दिसंबर माह में शुरू होगा। जिसमें लोगों के घर-घर जाकर बलगम के नमूने लिए जाएंगे। इस दौरान पॉजीटिव पाए जाने वाले व्यक्ति का उचित उपचार शुरू किया जाएगा।