हमीरपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्डों की अवधि 30 सितंबर को खत्म होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके लाभार्थियों को आयुष्मान भारत कार्ड में मर्ज किया जा रहा है। पुराने स्वास्थ्य कार्डों को लेकर ही लोग अस्पताल में उपचार को पहुंच रहे हैं लेकिन, इन कार्डों से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में आयुष्मान मित्रा लोगों के साथ संपर्क कर उनके पुराने कार्डों को मर्ज करने का कार्य कर रही हैं। अभी तक तक जिले के करीब एक हजार परिवारों के ही कार्ड आयुष्मान कार्डों में मर्ज हो पाए हैं। अधिकतर लोग जानकारी के अभाव में पुराने कार्ड लेकर ही अस्पताल में उपचार को पहुंच रहे हैं। सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड की जगह अब आयुष्मान भारत कार्ड शुरू किए हैं।
यह कार्ड भारतवर्ष के सभी सरकारी अस्पतालों एवं कुछ निजी अस्पतालों में भी मान्य हैं। इस कार्ड के तहत रोगी को पांच लाख रुपये तक के उपचार के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में परिवार के पांच सदस्यों का एक ही कार्ड बनता था लेकिन, आयुष्मान कार्ड के तहत परिवार के प्रत्येक सदस्य का अलग-अलग कार्ड बनेगा। जानकारी के अभाव में लोगों ने अभी अपने कार्डों को मर्ज नहीं करवाया है। जिले में हजारों बीपीएल परिवार हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पुराने कार्डों को नए कार्डों में मर्ज करवाने का आग्रह किया है। जिला अस्पताल की आयुष्मान मित्रा शिप्रा शर्मा का कहना है कि जो लोग अस्पताल में पुराने कार्ड लेकर आ रहे हैं, उनके नए कार्ड बना दिए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से पुराने कार्डों को आयुष्मान कार्डों में मर्ज करवाने का आग्रह किया है।