हमीरपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की हड़ताल के कारण हमीरपुर जिला में वीरवार को पचास फीसदी से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। जिला में कुल 1351 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें से 787 केंद्र बंद रहे। 564 केंद्र रोजाना की तरह खुले रहे। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटकने के चलते नौनिहालों को वापस लौटना पड़ा।
रोजाना की तरह नन्हे बच्चे उछलते व मौज मस्ती करते हुए आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटकने के कारण उन्हें उदास व बुरे मन से घर लौटना पड़ा। जिसके चलते अभिभावकों का भी काफी समय बर्बाद हुआ। हड़ताल के कारण वीरवार को जिला के पचास फीसदी से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों में कोई पढ़ाई नहीं हो पाई। वहीं कई आंगनबाड़ी केंद्रों में सहायिकाओं के हड़ताल पर जाने से कार्यकर्ताओं को बच्चों के लिए पोषाहार बनाना पड़ा। कुछेक केंद्रों पर सहायिकाओं ने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य किया। कुल मिलाकर वीरवार को हड़ताल के कारण बच्चों व अभिभावकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उधर, सीडीपीओ हमीरपुर बलवीर सिंह बिरला ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण जिला में 1351 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 564 खुले रहे, जबकि 787 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे।
नादौन और सुजानपुर के सारे केंद्र बंद, टौणी देवी के सभी रहे खुले
महिला एवं बाल विकास वृत्त नादौन और सुजानुपर के अंतर्गत आते सभी आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से बंद रहे। टौणीदेवी में एक भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद नहीं हुआ, सभी केंद्रों में रोजाना की तरह पढ़ाई हुई और पोषाहार बना। नादौन के सभी 290 और सुजानपुर के सभी 123 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। टौणीदेवी के सभी 248 आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहे। यहां से एक भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने हड़ताल को समर्थन नहीं दिया। हमीरपुर में कुल 183 में से 161 केंद्र बंद रहे, भोरंज में 234 में से 170 बंद रहे, बिझड़ में 274 में से 43 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे।