मशीन से बिजली बिल जमा कराने की सुविधा फिर शुरू
तीन वर्ष पहले लगाई थी किऑस्क
तकनीकी खराबी से बंद थी मशीन
अब विधायक से करवाया लोकार्पण
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। प्रदेश बिजली बोर्ड ने तीन वर्ष पहले स्थापित किऑस्क मशीन का लोकार्पण करवा दिया है। वर्ष 2015 में डिजिटल भुगतान के लिए जिला मुख्यालय पर बिजली बोर्ड ने किऑस्क मशीन लगाई थी। कुछ दिन चलने के बाद ही इस मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। अब बिजली बोर्ड ने इस मशीन को हाल ही में दुरुस्त करवा कर बुधवार को हमीरपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर ने इस मशीन का लोकार्पण कर उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान की।
अब उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड कार्यालय में जाकर बिजली बिल जमा नहीं करवाना पड़ेगा। एटीएम के तरह ही उपभोक्ता अब किऑस्क मशीन के माध्यम से बिजली बिल जमा करवा सकेंगे। बिजली बोर्ड ने वर्ष 2015 में जिला मुख्यालय हमीरपुर में करीब छह लाख रुपये की लागत से इस मशीन को स्थापित किया था। मशीन को स्थापित करने के कुछ दिन के बाद ही इसमें तकनीकी खराबी आ गई, जिसे लंबे समय तक दुरुस्त नहीं करवाया जा सका। बिजली बोर्ड ने जनवरी में ही इसे दुरुस्त करवाया है, जिसके बाद अब लोकार्पण हो पाया।
पुरानी मशीन का लोकार्पण समझ से परे : नरेश
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा कि बिजली बोर्ड ने तीन साल पहले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्थापित मशीन का विधायक के हाथों लोकार्पण करवा कर अपनी किरकिरी करवा ली है। उनका कहना है कि लोकार्पण हमेशा नई स्कीमों का होता है लेकिन वर्ष 2015 में स्थापित किऑस्क मशीन की मरम्मत करवाकर दोबारा नए सिरे से लोकार्पण करवाना समझ से परे है। इससे पहले कांग्रेस सरकार के समय खरीदे गए इलेक्ट्रिक टैक्सियों का भी भाजपा नेताओं ने लोकार्पण किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के चार माह के कार्यकाल में विकास के नाम पर लोगों को बताने के लिए कुछ नहीं है। जिला मुख्यालय में पुरानी किऑस्क मशीन के उद्घाटन करवाने वाले इस कारनामे की हर जगह खूब चर्चा है।
वर्ष 2015 में बिजली बोर्ड ने हमीरपुर शहर में किऑस्क मशीन को स्थापित किया था लेकिन कुछ समय के बाद इसमें तकनीकी खराबी आ गई। अब बिजली बोर्ड ने इंजीनियर बुलाने के बाद इस मशीन को दुरुस्त करवा दिया है। विधायक नरेंद्र ठाकुर ने मशीन का लोकार्पण किया है।
-अशोक शर्मा, एक्सईएन, बिजली बोर्ड हमीरपुर।