हमीरपुर। डिपुओं में मिलने वाली सात दालों में से चार दालों के लिए उपभोक्ताओं का रुझान कम हो गया है। उपभोक्ता मसूर, काले मसूर, राजमा और मूंगी की दालों को कम खरीद रहे हैं। इस कारण पिछले दो महीनों से इन दालों की नई सप्लाई नहीं आई है। गोदामों में दो माहीने पहले की ही सप्लाई पड़ी हुई है।
डिपुओं में उपभोक्ताओं को सात दालों में से तीन दालें चयन के आधार पर मिलती हैं। दालों में उड़द, चना दाल, चने, मसूर, राजमा, काले मसूर और मूंगी की दालों में से तीन दालें उपभोक्ताओं को मिलती हैं। ज्यादातर उपभोक्ता मसूर, राजमा, काले मसूर और मूंगी की दालों को नहीं खरीद रहे हैं। वर्तमान समय में जिला के उपभोक्ता उड़द, चना और चने की दाल को ही तवज्जो दे रहे हैं। इस कारण जिला में चार दालों की डिमांड कम है। दो माह से इन दालों की नई सप्लाई नहीं आई है। इन दालों के पिछले स्टॉक से ही गोदाम भरे पड़े हैं। वहीं कई डिपुओं में उपभोक्ताओं को दो दालों के चयन के साथ डिपो होल्डर तीसरी दाल अपनी तरफ से दे रहे हैं। जिसमें मसूर की दाल शामिल है।
उधर, डीएफएससी नरेंद्र धीमान का कहना है कि जिला के उपभोक्ता चार दालों को कम खरीद रहे हैं। उपभोक्ता उड़द, चने और चना दाल को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। इस कारण शेष दालों का स्टॉक गोदामों में पड़ा हुआ है। बीते दो माह से दालों की नई सप्लाई नहीं आई है।