नादौन (हमीरपुर)। बेशक हमीरपुर को मेडिकल कॉलेज मिल गया लेकिन, जिले के बाकी अस्पतालों की हालत डिस्पेंसरी से भी बदतर है। उपमंडल नादौन अस्पताल में रोगियों की संख्या में वृद्धि होने और स्थान के अभाव के चलते एक ही बिस्तर पर चार से पांच रोगियों का उपचार किया जा रहा है। इस कारण रोगियों और उनके तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दाखिल रोगियों के तीमारदारों किशोरी लाल, चमन, रेखा, सीमा, शशि, रीना, पूजा, सलोचना, राम चंद, ज्ञान चंद आदि का कहना है कि एक ही बिस्तर पर इतने रोगी होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में दिन से भी अधिक रात के समय सबसे अधिक कठिनाई हो रही है। नादौन अस्पताल परिसर के नए भवन का कार्य प्रगति पर है। इस कारण यहां स्थान का भारी अभाव है।
इस भवन का कार्य गत धूमल सरकार के समय आरंभ हुआ था। इसके बाद आगामी पांच साल तक इसका कार्य ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। कुछ समय पूर्व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपन परमार ने प्राथमिकता के आधार पर इस परिसर का दौरा करके अधिकारियों को इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के आदेश दिए थे। उसके बाद से ही यहां कार्य प्रगति पर है। परंतु वर्तमान समय में स्थान के अभाव का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि अस्पताल के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करवाया जाए। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ राज कुमार धीमान ने बताया कि कार्य प्रगति पर है तथा इसे शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।