हमीरपुर। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने पूर्व सैनिकों के संबंध में प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय पर दोबारा विचार करने की मांग की है। संघ की प्रदेश कोर कमेटी अध्यक्ष केवल ठाकुर, प्रदेश महासचिव यशवीर जंवाल ने कहा कि संघ पूर्व सैनिकों के जज्बे को सलाम करता है। पूर्व सैनिकों द्वारा कठिन परिस्थितियों में जो देश की सेवा की है राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा। इसलिए संघ सैनिकों को उनके सेवाकाल में हर तरह कि सुविधा की वकालत करता है। परंतु इस निर्णय से जिसमें पूर्व सैनिकों को पुनर्नियुक्ति पर वित्तीय लाभ देने की बात की है, जिसके अनुसार पूर्व सैनिक को पुनर्नियुक्ति पर अधिकतम 17 वेतन वृद्धियां एक साथ मिलेंगी। इससे प्रदेश सरकार के ढाई लाख कर्मचारियों की भावनाएं आहत होंगी।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि एक साथ नियुक्ति के बावजूद पूर्व सैनिक दूसरे कर्मचारी से कई गुना अधिक वेतन प्राप्त करेगा। सरकार के इस फैसले से जहां 5000 पूर्व सैनिकों को वित्तीय लाभ मिलेगा वहीं कई सौ करोड़ का बजट खर्च होगा। जहां पूर्व सैनिकों को सत्रह वेतन वृद्धियां दी जानी है, वहीं इसी बजट से प्रदेश सरकार मे कार्यरत 85000 कर्मचारियों को एक एक वेतन वृद्धि दी जा सकती थी और सरकार का 4-9-14 का कर्मचारियों से किया वायदा भी पूरा हो जाना था। यदि सरकार 4-9-14 की मांग पूरी करती है तो इससे पूर्व सैनिकों के साथ-साथ हर कर्मचारी को यह लाभ मिलना था। यदि पूर्व सैनिकों को पुनर्नियुक्ति पर यह लाभ दिया जाता है तो उन कर्मचारियों की भावनाएं आहत होंगी जिन्होंने पिछले 21 वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद यह मुकद्दमा सर्वोच्च न्यायालय में जीता है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष रत्नेश्वर सलारिया का कहना है कि इस संदर्भ मे संघ का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही प्रदेश सरकार से मिलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करेगा। इस मौके पर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिमन, प्रधान जिला बिलासपुर संजीव शर्मा, प्रधान मंडी कमल किशोर, प्रधान कुल्लू मनोज, जिला महामंत्री रविदास, संदीप ढडवाल, अजय नंदा, विनोद शर्मा, प्रीतम कौशल, विकास धीमान, अनिल धीमान आदि मौजूद रहे।