इस दौरान उन्होंने एचपीसीए स्टेडियम में प्रेसवार्ता भी की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, विश्वसनीयता एवं समावेशिता सुनिश्चित करने में बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के महत्व पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन पात्र नागरिकों की पहचान एवं पंजीकरण पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई अपात्र प्रविष्टि सूची में शामिल न हो। बीएलओ ने क्षेत्र स्तर पर आने वाली विभिन्न चुनौतियों, विशेषकर नए मतदाताओं की पहचान, प्रवासी मतदाताओं के सत्यापन एवं मतदाता सूची के अद्यतन संबंधी विषयों पर चर्चा की गई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्वाचन आयोग की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं व्यवस्थागत सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्वाचन मशीनरी के कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समावेशी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इसके उपरांत ज्ञानेश कुमार ने मैक्लोडगंज स्थित नामग्याल मठ, सेंट जॉन चर्च और नोरबुलिंगा मठ का भ्रमण किया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल नंदिता गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीरज, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुरारी लाल, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी दोरजे ठाकुर तथा जिला एवं उपमंडल इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें निर्वाचन तंत्र की आधारशिला बताया।