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Shimla: कविंद्र गुप्ता बोले- अनुच्छेद 370 हटने से जम्मू-कश्मीर में शुरू हुआ समानता का नया दौर

Wed, 05 Aug 2026 08:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि 5 अगस्त 2019 को लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय एक राष्ट्र, एक संविधान और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार की भावना को मजबूत करने वाला कदम था।   इसके माध्यम से जम्मू-कश्मीर का देश की मुख्यधारा के साथ पूर्ण एकीकरण सुनिश्चित हुआ और सामाजिक न्याय तथा समावेशी विकास को नई गति मिली। 
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हिमाचल के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण की सातवीं वर्षगांठ पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह निर्णय स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने से जम्मू-कश्मीर में समानता, राष्ट्रीय एकीकरण और समावेशी विकास के नए युग की शुरुआत हुई है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि 5 अगस्त 2019 को लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय एक राष्ट्र, एक संविधान और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार की भावना को मजबूत करने वाला कदम था। इसके माध्यम से जम्मू-कश्मीर का देश की मुख्यधारा के साथ पूर्ण एकीकरण सुनिश्चित हुआ और सामाजिक न्याय तथा समावेशी विकास को नई गति मिली।

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कविंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के कारण जम्मू-कश्मीर के हर वर्ग तक समान अधिकार, अवसर और विकास की योजनाओं का लाभ पहुंच सका है। उन्होंने कहा कि दशकों तक जम्मू-कश्मीर के कई समुदाय और वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं के पूर्ण लाभ से वंचित रहे। पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थी, वाल्मीकि समाज, गोरखा समुदाय और अन्य वंचित वर्ग लंबे समय से समान अवसरों और संवैधानिक संरक्षण की मांग कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद भारतीय संविधान के सभी प्रावधान और कल्याणकारी योजनाएं जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचीं। इससे शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के निवासी होने के नाते उन्होंने प्रदेश के लोगों की शांति, सम्मान, समृद्धि और विकास की आकांक्षाओं को करीब से देखा है। यह निर्णय उन आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

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