हिमाचल विजिलेंस ब्यूरो ने विद्युत बोर्ड के एसई समेत चार अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बोर्ड के एसई, एक्सईएन, जेई और रिटायर एसई पर आरोप है कि उन्होंने पांवटा की एक दवा कंपनी को नियमों के विपरीत जाकर कनेक्शन दिया और सरकारी खजाने को 50 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया।
विजिलेंस में दर्ज मामले के अनुसार पांवटा स्थित ड्रग इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी को विद्युत बोर्ड ने 2005 में नया कनेक्शन दिया। चूंकि कंपनी का विद्युत लोड तय नियमों से अधिक था, इसलिए कंपनी को ही सब स्टेशन तक का खर्च उठाना था। इस पर करीब 50 लाख रुपये का खर्च आता।
लेकिन पांवटा के तत्कालीन एसई एके अग्रवाल (अब रिटायर), एक्सईएन पांवटा अनूप धीमान (वर्तमान में एसई नाहन), एसडीओ दिनेश गुप्ता (वर्तमान में एक्सईएन नालागढ़), जेई जगदीश ने कंपनी से साठगांठ कर सब स्टेशन के बजाय बीच लाइन से ही कनेक्शन दे दिया।
इससे प्रदेश सरकार के खाते में आने वाले 50 लाख रुपये डूब गए। इसकी जानकारी मिलने पर विजिलेंस ब्यूरो ने 16 अगस्त 2013 को नाहन थाने में अनूप धीमान, दिनेश गुप्ता, जगदीश नेगी एवं एके अग्रवाल के खिलाफ धारा 420,120 बी एवं पीसीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।