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Mobile Phone Side Effects: मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल उड़ा रहा नींद, व्यक्तिगत संबंधों पर भी असर; जानें

Sun, 24 Nov 2024 10:50 AM IST
अंकेश डोगरा सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला

सार

मोबाइल फोन के बिना जीवन बहुत कठिन हो गया है, लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों को जन्म दे रहा है। शिमला जिले में हुए एक सर्वेक्षण में हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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मोबाइल फोन ने भले ही हमारे जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों को जन्म दे रहा है। स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से अब लोग आंखों में जलन, नींद न आना, खुजली, सर्वाइकल, मांसपेशियों में दर्द, चिड़चिड़ापन और अवसाद जैसे विकार का शिकार होने लगे हैं।

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शिमला जिले में हुए एक सर्वेक्षण में फोन का ज्यादा प्रयोग करने वाले 23 फीसदी लोगों में नींद विकार और 15.3 फीसदी अवसाद-चिड़चिड़ापन पाया गया। 50 फीसदी को आंखों में जलन, खुजली, बार-बार पानी आने की समस्या है। आईजीएमसी शिमला की ओर से यह सर्वे करवाया गया। आईजीएमसी के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित सचदेवा ने बताया कि सर्वे में शिमला जिले के 400 व्यस्क लोगों को शामिल किया गया। इनमें 23 फीसदी लोगों ने नींद की समस्या के बारे में बताया। 15.3 फीसदी लोग अवसाद और चिड़चिड़ापन की समस्या से ग्रस्त पाए गए। 97.3% लोग व्यक्तिगत मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। इनमें 42.3% लोग हर दिन 3-4 घंटे मोबाइल का उपयोग करते हैं। 21.3% सिददर्द, 10.3 सर्वाइकल और 7.8 मांसपेशियों में दर्द से जूझते पाए गए हैं।

व्यक्तिगत संबंधों पर भी असर
मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों को भी प्रभावित कर रहा है। 68.5% लोग परिवार के साथ समय बिताने के बावजूद मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं। 77.8% रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी मोबाइल चलाते हैं। 

गांव के लोग ज्यादा देख रहे फोन
शहरी क्षेत्रों में 55.3 फीसदी लोग 2 घंटे से अधिक मोबाइल चलाते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 70.4% है। शहरी क्षेत्र के 56 फीसदी लोग शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए मोबाइल का उपयोग करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 40.4 फीसदी है।
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मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए जागरुकता और नीतिगत उपायों की जरूरत है। आंखों की सुरक्षा के लिए 20-20-20 नियम (हर 20 मिनट के बाद, 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें) अपनाना होगा। शारीरिक व्यायाम कर भी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं- डॉ. रामलाल शर्मा, विभागाध्यक्ष, आईजीएमसी
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