निवेश के नाम पर भी ठगी
निवेश के नाम पर भी इन दिनों ठगी के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। कम समय में हाई रिटर्न का लालच दिखाकर शातिर सेवानिवृत अधिकारी व कर्मचारी निशाने पर ले रहे हैं। सोशल मीडिया में ग्रुपों में जोड़कर इस तरह की ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। अमूमन सेवानिवृति के बाद व्यक्ति मिली धनराशि का निवेश करना चाहते हैं। इसी का फायदा शातिर भी उठाते हैं। निवेश करने से पहले सभी चीजें जांची परखी जाना जरूरी हैं।
ठगी के मामले
- मंडी साइबर पुलिस थाना में हमीरपुर जिले के एक सेवानिवृत अधिकारी से करीब 73 लाख रुपये की ठगी डिजिटल अरेस्ट दिखाकर की गई।
- मंडी जिले के एक सेवानिवृत अधिशाषी अभियंता से सोशल मीडिया पर सस्ते दामों पर शेयर और आईपीओ खरीदने के नाम पर शातिरों ने 20 लाख रुपये ठग लिए
- मई 2024 में साइबर अपराध पुलिस थाना मंडी में सोशल मीडिया के जरिये स्टॉक मार्केट में निवेश या शेयर खरीदने के नाम पर लगभग 1.97 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर चार के चार केस दर्ज हुए हैं।
- बीते अक्तूबर माह में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी में संलिप्त होने का आरोप लगाकर कुल्लू जिले के एक सेवानिवृत कर्मचारी से 36.50 लाख रुपये की ठगी केस दर्ज हुआ है।
कस्टम के नाम पर ठगी से ऐसे करें बचाव
- सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क से बचें।
- बिना ऑर्डर पार्सल आने की जानकारी मिलने पर यह समझ जाएं कि यह शातिर हैं।
- कस्टम विभाग फोन करके शुल्क नहीं मांगता है। ऐसे में सतर्क हो जाएं।
- इस तरह कॉल पर आने पर निजी जानकारी साझा न करें।
- इस तरह की कॉल आने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचित करें।
साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहें। यदि धोखाधड़ी का शिकार हो जाए तो उस स्थिति में 1930 पर या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें
-संजीव रंजन ओझा, डीजीपी सीआईडी।