आखिर दूसरे दिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम के टैंकर चालक काम पर लौट आए हैं। मांगों पर आश्वासन के बाद टैंकर चालकों ने हड़ताल खत्म कर दी है।
हालांकि, सूबे में शुक्रवार को भी एचपी के पेट्रोल पंपों में डीजल और पेट्रोल की सप्लाई नहीं हुई। इससे वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा।
एचपी के पंपों में डीजल और पेट्रोल भरवाने के लिए पहुंचने वाले लोगों को आईओसी, रिलायंस और अन्य कंपनियों के स्टेशनों की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
हिमाचल में प्रतिदिन 70 से 80 टैंकरों के माध्यम से 5 से 6 लाख लीटर तेल की आपूर्ति की जाती है। एक अनुमान के मुताबिक 18 लाख लीटर तेल की शार्टेज चल रही है जो अब जल्द ही दूर होगी।
एचपी पेट्रोलियम डीलर टैंकर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि लंबी वार्ता के बाद विवाद सुलझ गया है। उनकी मांगों को दो सप्ताह में पूरा करने आ आश्वासन दिया है।
वे काम पर लौट आए हैं। हालांकि इससे पूर्व टैंकर चालकों ने प्रबंधन को चाबियां तक लौटा दी थीं।
टैंकर चालकों की प्रमुख मांगें
- बठिंडा स्थित रिफाइनरी से डीजल पेट्रोल की लोडिंग नहीं करेंगे।
- नालागढ़ डिपो में भीतर जाने के लिए नंबर से ही गाड़ी खाली व भरी जाए।
- चालकों व परिचालकों को बैठने व बाथरूम की सुविधा
- तापमान के अनुसार ही पंप पर खाली होगा तेल से भरा हुआ टैंकर
- नालागढ़ डिपो से कागजों पर तापमान लिखकर दिया जाए।
- पंप पर गाड़ी पहुंचने के बाद ठीक 20 मिनट के बाद चेक होनी चाहिए