मानसून सीजन में भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बिजली और मोबाइल नेटवर्क ठप होने की स्थिति में भी राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित नहीं होंगे। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने आपात परिस्थितियों में निर्बाध संचार बनाए रखने के लिए आई-एसएटी फोन, वीएसएटी और अन्य सैटेलाइट आधारित संचार प्रणालियों को सक्रिय रखने की व्यवस्था की है। इस व्यवस्था के तहत दूरदराज और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों से भी प्रशासन तक तुरंत सूचना पहुंच सकेगी। किसी आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्र से लोगों की स्थिति, जरूरतों और नुकसान की जानकारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाई जा सकेगी, जिससे बचाव दलों को समय पर रवाना किया जा सकेगा। प्राकृतिक आपदाओं में सबसे बड़ी चुनौती संचार व्यवस्था का बाधित होना होती है। भूस्खलन से सड़कें बंद होने, बिजली आपूर्ति ठप होने या मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में सामान्य संचार माध्यम काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में सैटेलाइट आधारित संचार प्रणाली प्रशासन और बचाव एजेंसियों के लिए जीवनरेखा का काम करेगी।