हिमाचल में बर्फबारी के बाद की दिक्कतें दूर नहीं हुई हैं। जनजातीय जिला किन्नौर, ऊपरी शिमला में सड़क परिवहन पूरी तरह बंद है। बिजली और पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है। हालांकि रविवार को ताजा हिमपात रिकार्ड नहीं हुआ। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में करीब 80 सड़कें बंद हैं। सौ से ज्यादा रूटों पर बसें नहीं जा रही हैं।
मैदानों में बारिश होने से शीतलहर जारी है। रविवार को कल्पा में 33 सेंटीमीटर और केलांग में 10 सेंटीमीटर ताजा हिमपात दर्ज हुआ है। जबकि मैदानी जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
किन्नौर के जिलाधीश कैप्टन जेएम पठानिया ने बताया कि सोमवार से सड़कें खोलने का काम शुरू होगा। जिला के लियो, नाको, ज्ञाबुंग और पूह में फंसे मरीजों और स्कूली बच्चों को निकालने के लिए हेलिकाप्टर की तीन उड़ानें हो रही हैं। लियो में दो रोगी और ज्ञाबुंग में दो गर्भवती महिलाएं गंभीर अवस्था में हैं।
लाहौल स्पीति में भी करीब 60 लोगों ने हेलिकाप्टर सेवा मांगी है। डीसी बीर सिंह ठाकुर ने बताया कि तांदी से आगे कोकसर वाले एरिया में बर्फ ज्यादा है, जबकि शेष जिला में केवल 5 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है और हालात सामान्य हैं।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप चौहान ने कहा कि सड़कों की बहाली के लिए मशीनरी और मजदूर तैनात कर रखे हैं। सोमवार को मौसम खुलते ही यह काम और तेज होगा।
आज साफ हो जाएगा मौसम
मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि सोमवार से मौसम में सुधार होने की संभावना है। शिमला शहर में हल्के बादल छाए रहेंगे। 20 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक बार फिर मौसम बिगड़ेगा, लेकिन इसका असर ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक ही रहेगा।
कल्पा, केलांग में माइनस में पारा
मैदानों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। राजधानी शिमला का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि मनाली का तापमान शून्य, कल्पा -4.0 डिग्री, केलांग -2.9, सुंदरनगर 8.6, भुंतर 7.5, धर्मशाला 6.2, ऊना 7.5, सलूणी 2.0, नाहन 3.9 और सोलन 5.5 डिग्री रिकार्ड किया गया।