राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में वोकेशनल शिक्षकों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। शिक्षक बातचीत के लिए बुलाने पर अड़े है। हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाने, वेतन का एरियर जारी करने और निजी कंपनियों को बाहर करने की शिक्षक मांग उठा रहे हैं। सरकार से वार्ता नहीं होने की स्थिति में शिक्षकों ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है। उधर, सर्द मौसम के बीच मंगलवार को भी चौड़ा मैदान में ही तंबू लगाकर शिक्षकों ने दूसरी रात काटी। सोमवार रात भी शिक्षक यहीं रहे थे। बुधवार को भी शिक्षकों का प्रदर्शन जारी रहेगा।
मंगलवार को दिन भर चौड़ा मैदान में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। वेतन एरियर नहीं मिलने और निजी कंपनियों को बाहर करने की मांग को लेकर 2400 व्यावसायिक शिक्षक सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वोकेशनल शिक्षक संघ के बैनर तले वोकेशनल शिक्षकों ने मंगलवार को भी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्थायी नीति की मांग उठाई।
उधर, मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हिमाचल प्रदेश के 1100 से अधिक सरकारी स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा की पढ़ाई नहीं हुई। वोकेशनल शिक्षक संघ के अध्यक्ष अश्वनी डटवालिया ने बताया कि प्रदेश के सरकारी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में साल 2013 से 9वीं से 12वीं कक्षा तक छात्र-छात्राओं को वोकेशनल शिक्षा के विषय को पढ़ाए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में 80 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पंजीकृत है। वोकेशनल शिक्षकों को निजी कंपनियों के माध्यम से नियुक्त किया गया है। शिक्षकों के लिए हरियाणा की तर्ज पर नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां मनमानी कर रही है। समय पर वेतन की अदायगी नहीं होती। सरकार के निर्देशों के बावजूद वेतन का एरियर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, विरोध प्रदर्शन को जारी रखा जाएगा।